आज बरसों बाद उठी है इच्छा हम कुछ कर दिखाएँ

निर्देश: (प्रश्न संख्या 1-4) काव्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए |

आज बरसों बाद उठी है इच्छा
हम कुछ कर दिखाएँ
एक अनोखा जश्न मनाएँ
अपना कोरा अस्तित्व जमाएं
आज बरसों बाद सूखे पत्तो पर
बसंत ऋतु आई है
विचार रूपी कलियों पर
बहार खिल आई है
गहनता की फसल लहलहाई है
शायद इसी कारण
आज बरसों बाद
उठी है इच्छा हम कुछ कर दिखाएँ
अपना कोरा अस्तित्व जमाएं

  1. कवि के मन में इच्छा उत्पन्न हुई है …..|
    (a) कुछ महत्वपूर्ण कार्य करने की
    (b) मन से बातें करने की
    (c) खुशियाँ मनाने की
    (d) अपनी पहचान बनाने की
  2. ‘सूखे पते’ प्रतीक हैं ………………..|
    (a) पतझड़ के
    (b) अकाल के
    (c) मन के सूनेपन के
    (d) शुष्कता के
  3. किन कलियों पर बहार का आगमन हुआ है ?
    (a) भाव रूपी कलियों पर
    (b) विचारों की कलियों पर
    (c) छोटी नई कलियों पर
    (d) शुष्क कलियों पर
  4. ‘गहनता की फसल’ से कवि का क्या आशय है ?
    (a) विचारों में परिपक्वता
    (b) अपना अस्तित्व
    (c) लहलहाती फसलें
    (d) विचारों की गंभीरता
Anurag Mishra Professor Asked on 9th June 2016 in Hindi.
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    1. (d) अपनी पहचान बनाने की  
    2. (c) मन के सूनेपन के
    3. (b) विचारों की कलियों पर 
    4. (a) विचारों में परिपक्वता 
    5. (d) ज्यों ही वह घर से निकला, वर्षा होने लगी 

     

    Anurag Mishra Professor Answered on 9th June 2016.
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