Who is The Poet of Madhushala ?

 

  1. Harivansh Rai Bachchan
  2. Maithili Sharan Gupta
  3. Rabindranath Tagore
  4. Jaishankar Prasad
Anurag Mishra Professor Asked on 6th September 2015 in Literature.
Add Comment
  • 1 Answer(s)

    Answer: (1) Harivansh Rai Bachchan

    Harivansh RaiBachchan is the poet of Madhushala. Harivansh Rai Bachchan (27 November 1907 – 18 January 2003) was an Indian poet. He is best known for his early work Madhushala. In 1976, he was honoured with the Padma Bhushan.  Here is some lines of Madhushala.

    मृदु भावों के अंगूरों की आज बना लाया हाला,
    प्रियतम, अपने ही हाथों से आज पिलाऊँगा प्याला,
    पहले भोग लगा लूँ तेरा फिर प्रसाद जग पाएगा,
    सबसे पहले तेरा स्वागत करती मेरी मधुशाला।।१।

    प्यास तुझे तो, विश्व तपाकर पूर्ण निकालूँगा हाला,
    एक पाँव से साकी बनकर नाचूँगा लेकर प्याला,
    जीवन की मधुता तो तेरे ऊपर कब का वार चुका,
    आज निछावर कर दूँगा मैं तुझ पर जग की मधुशाला।।२।

    प्रियतम, तू मेरी हाला है, मैं तेरा प्यासा प्याला,
    अपने को मुझमें भरकर तू बनता है पीनेवाला,
    मैं तुझको छक छलका करता, मस्त मुझे पी तू होता,
    एक दूसरे की हम दोनों आज परस्पर मधुशाला।।३।

    Anurag Mishra Professor Answered on 7th September 2015.
    Add Comment
  • Your Answer

    By posting your answer, you agree to the privacy policy and terms of service.