Unseen poetry asked in Hindi in UP VDO 2016

निर्देश –प्रo संo (1-5): निम्नलिखित काव्यांश को पढ़िए और उनके नेचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर विकल्पों में चुनकर लिखिए |
कुछ भी बन, बस कायर मत बन
ठोकर मार, पटक मत माथा
तेरी राह रोकते पाहन
कुछ भी बन, बस कायर मत बन
ले-देकर जीना, क्या जीना?
कब तक गम के आंसू पीना?
मानवता ने तुझको सींचा
बहा युगों तक खून पसीना

  1. कवी क्या करने की प्रेरणा दे रहा है
    (a) गम के आँसू पीने की
    (b) आत्म समर्पण की
    (c) रुकावटों को ठोकर मारने की
    (d) कुछ भी न बनने की
  2. कवी के अनुसार किस प्रकार का जीवन व्यर्थ है ?
    (a) आदर्शवादी
    (b) समझौतावादी
    (c) खून-पसीना बहाकर
    (d) रुकावटों को ठोकर मारना
  3. इन पंक्तियों में कायर का अर्थ है –
    (a) सहज
    (b) समझौतावादी
    (c) चालाक
    (d) दुष्ट
  4. पाहन शब्द का पर्यायवाची है-
    (a) मेहमान
    (b) पैर
    (c) पत्थर
    (d) पर्वत
  5. “कुछ भी बन बस कायर मत बन” कवी ने क्यों कहा है ?
    (a) कुछ भी बनना आसान है
    (b) कुछ भी बनना मुश्किल है
    (c) कायर मनुष्य का जीवन व्यर्थ है
    (d) कायर मनुष्य अच्चा नहीं होता
Anurag Mishra Professor Asked on 22nd February 2016 in Hindi.
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  • 1 Answer(s)
    1. (c) रुकावटों को ठोकर मारने की
    2. (b) समझौतावादी
    3. (b) समझौतावादी
    4. (c) पत्थर
    5. (c) कायर मनुष्य का जीवन व्यर्थ है
    Anurag Mishra Professor Answered on 26th February 2016.
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